ALL ARE CUSTOMERS IN THE WORLD
(English
Blog)
In today’s world, one truth stands above all
business philosophies: All are customers in the world. Whether we are
buyers, sellers, professionals, service providers, or manufacturers, at some
point everyone plays the role of a customer.
A popular line says:
“Who says customer does not come? Nobody calls
the customer like Meera called her Lord.”
This modified thought beautifully reflects the
reality of modern business. Every company, every shop, every online platform,
and every service provider is continuously trying to attract customers through
products and services. Advertisements, offers, discounts, and promotional
campaigns are all designed with one objective: winning the customer's trust and
business.
The customer is the most important person in
any marketplace. A customer evaluates the quality, usefulness, durability, and
value of a product or service. Ultimately, it is the customer who decides
whether a product deserves success or failure.
However, there is another side of the story. A
significant portion of product pricing, often around 30-40 percent, is
influenced by advertising and promotional expenses. While competition and
marketing can bring better choices and benefits to customers, they indirectly
increase the cost of products and services.
This creates a win-win situation in many
industries, but customers often remain less informed about certain areas,
especially healthcare products, medical devices, and healthcare services. Many
people purchase healthcare-related products without fully understanding their
necessity, quality, effectiveness, or alternatives.
Therefore, this is the time for all consumers
to stay alert while buying and using any product or service. Awareness,
comparison, verification, and informed decision-making are becoming essential
life skills.
Customer satisfaction is often compared to a
kite flying high in the sky. People usually say that a kite falls because it is
cut in the air. In reality, a kite flies confidently only when the string
remains strong and in the handler’s control. The kite falls when the string
supporting it is broken or cut.
Similarly, customer satisfaction can soar high
only when customers keep the “string” of awareness, knowledge, and control
firmly in their hands. Companies may offer attractive promises, but customers
must remain informed, vigilant, and responsible in their buying decisions.
In the end, the most powerful person in the
marketplace is not the manufacturer, advertiser, or seller. It is the customer.
Because truly, all are customers in the world.
Blog Writer:
Vinay Dadmal
House No. 55, Swarajnagar, Behind Omkarnagar,
Manewada Ring Road, Nagpur – 440027
Email: dadmalv2015@gmail.com
दुनिया में सभी ग्राहक हैं
(हिंदी ब्लॉग)
आज के दौर में एक बात पूरी तरह सत्य है कि दुनिया में सभी ग्राहक हैं। चाहे कोई व्यापारी हो, उद्योगपति हो, कर्मचारी हो, डॉक्टर हो, शिक्षक हो या आम नागरिक, हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में ग्राहक है।
एक प्रसिद्ध पंक्ति है:
“कौन कहता है ग्राहक आते नहीं, कोई मीरा के जैसे बुलाते नहीं।”
आज हर जगह ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ लगी हुई है। कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से ग्राहकों को लुभाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। विज्ञापन, ऑफर, डिस्काउंट, डिजिटल प्रचार और मार्केटिंग अभियान इसी उद्देश्य से चलाए जाते हैं कि ग्राहक उनकी ओर आकर्षित हों।
ग्राहक किसी भी व्यवसाय का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है। वही उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोगिता, टिकाऊपन और मूल्य का आकलन करता है। किसी भी उत्पाद या सेवा की सफलता या असफलता का अंतिम निर्णय ग्राहक ही करता है।
लेकिन एक दूसरा पक्ष भी है। किसी भी उत्पाद की कीमत में लगभग 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के खर्च का होता है। यद्यपि प्रतिस्पर्धा ग्राहकों को अधिक विकल्प और बेहतर सेवाएं प्रदान करती है, फिर भी इसका बोझ अंततः उत्पाद की कीमत में शामिल हो जाता है।
यह स्थिति कई क्षेत्रों में ग्राहकों के लिए लाभकारी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के मामले में ग्राहक अक्सर पर्याप्त जानकारी नहीं रखते। कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के स्वास्थ्य संबंधी वस्तुएं और सेवाएं खरीद लेते हैं।
इसलिए आज आवश्यकता है कि प्रत्येक ग्राहक खरीदारी करते समय और किसी भी सेवा का उपयोग करते समय सतर्क रहे। जागरूकता, तुलना, जांच-पड़ताल और समझदारी भरा निर्णय लेना समय की मांग है।
ग्राहक संतुष्टि की तुलना अक्सर आकाश में उड़ती पतंग से की जा सकती है। लोग कहते हैं कि पतंग हवा में कट जाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि पतंग तभी तक ऊंची उड़ती है जब तक उसके नियंत्रण की डोर सुरक्षित रहती है। पतंग तब गिरती है जब उसे संभालने वाली डोर कट जाती है।
उसी प्रकार ग्राहक संतुष्टि भी तभी ऊंचाइयों पर पहुंच सकती है जब जागरूकता और निर्णय की डोर ग्राहक के अपने हाथों में रहे। आकर्षक विज्ञापनों और दावों के बीच ग्राहक को सचेत और सजग रहना चाहिए।
अंत में बाजार का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति निर्माता, विक्रेता या विज्ञापनदाता नहीं, बल्कि ग्राहक होता है।
क्योंकि वास्तव में दुनिया में सभी ग्राहक हैं।
ब्लॉग लेखक:
विनय दडमल
मकान क्रमांक 55, स्वराजनगर, ओमकारनगर के पीछे,
मानेवाड़ा रिंग रोड, नागपुर – 440027
ईमेल:
dadmalv2015@gmail.com
जगात सर्वजण ग्राहक आहेत
(मराठी ब्लॉग)
आजच्या युगात एक गोष्ट निर्विवादपणे खरी आहे की जगात सर्वजण ग्राहक आहेत. व्यापारी असो, उद्योगपती असो, कर्मचारी असो, डॉक्टर असो, शिक्षक असो किंवा सामान्य नागरिक असो, प्रत्येक व्यक्ती कोणत्या ना कोणत्या स्वरूपात ग्राहक आहे.
एक सुंदर ओळ आहे:
“कोण म्हणतं ग्राहक येत नाहीत, कुणी मीरासारखं त्यांना बोलावत नाही.”
आज जगभर प्रत्येक ठिकाणी ग्राहकांना आकर्षित करण्याची स्पर्धा सुरू आहे. विविध कंपन्या आपल्या उत्पादनांद्वारे आणि सेवांद्वारे ग्राहकांना आकर्षित करण्याचा प्रयत्न करत आहेत. जाहिराती, सवलती, ऑफर्स आणि विविध प्रचार मोहिमा यामागचा मुख्य उद्देश ग्राहक मिळवणे हाच असतो.
ग्राहक हा कोणत्याही व्यवसायातील सर्वात महत्त्वाचा घटक आहे. तो उत्पादनाची गुणवत्ता, उपयोगिता, टिकाऊपणा आणि किंमत यांचे मूल्यमापन करतो. एखाद्या उत्पादनाचे यश किंवा अपयश शेवटी ग्राहकच ठरवतो.
परंतु या चित्राची दुसरी बाजूही आहे. अनेक उत्पादनांच्या किंमतीत 30 ते 40 टक्के हिस्सा जाहिरात आणि प्रचार खर्चाचा असतो. स्पर्धेमुळे ग्राहकांना अधिक पर्याय उपलब्ध होतात, परंतु त्याच वेळी जाहिरातींचा खर्च उत्पादनांच्या किमतीत समाविष्ट होतो.
ही परिस्थिती अनेक बाबतीत ग्राहकांसाठी फायदेशीर असली तरी आरोग्यसेवा, वैद्यकीय उपकरणे आणि आरोग्यविषयक सेवांच्या बाबतीत अनेक ग्राहक अजूनही पुरेशी माहिती नसताना निर्णय घेतात. त्यामुळे या क्षेत्रात अधिक दक्षता आणि जागरूकता आवश्यक आहे.
आजच्या काळात कोणतीही वस्तू खरेदी करताना किंवा सेवा वापरताना ग्राहकांनी सतर्क राहणे आवश्यक आहे. माहिती मिळवणे, तुलना करणे, तपासणी करणे आणि विचारपूर्वक निर्णय घेणे ही प्रत्येक ग्राहकाची जबाबदारी आहे.
ग्राहक समाधानाची तुलना आपण आकाशात झेपावणाऱ्या पतंगाशी करू शकतो. लोक म्हणतात की पतंग आकाशात कापली जाते, परंतु प्रत्यक्षात पतंग तेव्हा खाली येते जेव्हा तिला आधार देणारी दोरी तुटते. दोरी सुरक्षित असेल तर पतंग उंच उडत राहते.
त्याचप्रमाणे ग्राहक समाधानाचा पतंगही तेव्हाच उंच भरारी घेईल जेव्हा जागरूकतेची आणि निर्णयक्षमतेची दोरी ग्राहकांच्या स्वतःच्या हातात असेल. आकर्षक जाहिराती आणि दाव्यांच्या पलीकडे जाऊन सुजाण निर्णय घेणे ही काळाची गरज आहे.
शेवटी बाजारातील सर्वात शक्तिशाली व्यक्ती उत्पादक, विक्रेता किंवा जाहिरातदार नसून ग्राहकच असतो.
कारण खरोखरच जगात सर्वजण ग्राहक आहेत.
ब्लॉग लेखक:
विनय दडमल
घर क्रमांक 55, स्वराजनगर, ओंकारनगर मागे,
मानेवाडा रिंग रोड, नागपूर – 440027
ईमेल:
dadmalv2015@gmail.com
