Friday, 18 January 2019

Kya yhi chahta hoo mai --Vinay Dadmal


क्या यही  चाहता हूँ मैं 

पढ़ते वक्त मेरे शैक्षणिक जीवन में उच्चस्तर मराठी,उच्चस्तर हिंदी और उच्चस्तर  अंग्रेजी मेरे विषय रहे है Iमेरी पहली हिंदी रचना जो मैंने नौकरी के पहले दिन लिखी थी वह पेश क्र रहा हूँ I यह पूर्ण रूप से मेरी अपनी रचना है I इस हिंदी रचना का शीर्षक है ' क्या यही  चाहता हूँ मैं '
आज नवंबर शुक्रवार तारीख तीन है
मेरी नौकरी का आज पहला दिन है
स्पर्धा में उतरकर पास हुआ हूँ
क्या यही  चाहता हूँ मैं I
कमाई करना अभी शुरू किया है
बहुतसी नौकरी मेसे यह नौकरी मिली है
अगस्त दो का जन्मा हूँ
क्या यही  चाहता हूँ मैं I
आज दिनभर रेल पर घुमा हूँ मैं
विविध लोगों से बातो में उलझा हूँ मैं
यह कैसी अनोखी नौकरी में हूँ मैं
क्या यही  चाहता हूँ मैं  I
बहुतों ने आज मुझे पूछा 'कैसे हूँ मैं
क्या जवाब दू दुविधा में हूँ मैं
कभी सोचा न था ऐसी नौकरी  में हूँ मैं
क्या यही  चाहता हूँ मैं I

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